आनंद और जीवन मूल्यों पर हुआ संवाद
शिवपुरी। जिले के नरवर में आनंद विभाग द्वारा चलाए जा रहे '30 दिन–30 कार्यशाला अभियान' की 25वीं कार्यशाला गुरुकुल स्टडी हाईस्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए आयोजित की गई, जिसका शुभारंभ विद्यालय के संचालक धीरज गुप्ता एवं पूजा गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला में आनंदम सहयोगी पुष्पेन्द्र लोधी ने राज्य आनंद संस्थान का परिचय देते हुए नागरिकों की खुशहाली के लिए इसके उद्देश्यों और आनंद की अवधारणा से परिचित कराया।
प्रथम सत्र में मास्टर ट्रेनर साकेत पुरोहित ने 'अल्पविराम' के माध्यम से शिक्षकों को अपने भीतर आनंद को पहचानने और अपने आनंद की चाबी स्वयं के पास रखने का संदेश दिया, जिससे परिस्थितियों के बजाय अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। इसके बाद आनंदम सहयोगी ऋषि सेन ने 'लाइफ बैलेंस शीट के जरिए मदद, कृतज्ञता और क्षमा जैसे मूल्यों से जीवन का आत्ममंथन कराया। रिश्तों के सत्र में आनंदम सहयोगी प्रियांशु भार्गव ने आत्मचिंतन व संवाद के जरिए संबंधों में मधुरता लाने पर विचार साझा किए, जबकि आनंदम सहयोगी राजेश पटेल ने 'चिंता का दायरा और प्रभाव का दायरा' विषय पर चर्चा कर अनावश्यक चिंताओं से मुक्त होकर समाधान पर ध्यान केंद्रित करने का मार्ग दिखाया। इस दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों और आत्मचिंतन से अपने जीवन, रिश्तों और चिंताओं को नए दृष्टिकोण से समझा। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को जीवन में ठहराव लाकर स्वयं के भीतर झांकने और आनंदपूर्ण जीवन की संभावनाओं को पहचानने का अवसर प्रदान करना रहा।
