नारियल अर्पित करने से पूरी होती है हर मनोकामना
शिवपुरी/संजय आजाद । पोहरी किला परिसर स्थित प्रसिद्ध इच्छापूर्ण गणेश मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गणेश उत्सव के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, सिंधिया राजघराने की पोहरी जागीरदार बालाबाई शितोले ने खजाने की सुरक्षा के उद्देश्य से तलघर के ऊपर पुणे से लाकर इस दिव्य गणेश प्रतिमा की स्थापना कराई थी।
अद्भुत कांच की नक्काशी व कारीगरी से सुसज्जित इस प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा सच्चे मन से प्रार्थना कर नारियल रखने मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि इसे 'इच्छापूर्ण गणेश' के नाम से जाना जाता है। मंदिर में विगत चार पीढ़ियों से खंडालकर परिवार द्वारा पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जा रही है, जिसे वर्तमान में अनिल खंडालकर एवं अजय खंडालकर संभाल रहे हैं। इस चमत्कारी मंदिर के दर्शन हेतु गणेशोत्सव के दौरान दिल्ली, मुंबई, जयपुर, इंदौर, कोलकाता, ग्वालियर, भोपाल और झांसी सहित देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पोहरी पहुंचते हैं।
