बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मिसाल बने सिम्स और कैंसर हॉस्पिटल
शीतला सहाय जी ने अपने बेटे की याद में बनवाया था हॉस्पिटल
सपना शर्मा /ग्वालियर। अंचल में उत्कृष्ट एवं किफायती चिकित्सा सेवाओं के पर्याय बन चुके शीतला सहाय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) और कैंसर हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल कायम की है। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय शीतला सहाय ने अपने दिवंगत पुत्र राजीव सहाय की स्मृति में इस अस्पताल की नींव रखी थी। स्थापना के समय देखा गया यह सपना आज ग्वालियर-चंबल अंचल के लाखों जरूरतमंदों और गरीब मरीजों के लिए एक सच्चा वरदान साबित हो रहा है।
अपनी स्थापना से लेकर वर्तमान तक, सिम्स हॉस्पिटल ने लगातार अपनी चिकित्सा सुविधाओं का आधुनिक विस्तार किया है। जहाँ शुरुआत में कैंसर उपचार पर मुख्य ध्यान केंद्रित था, वहीं आज यह संस्थान मल्टी स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, कैंसर रोगियों के लिए कीमोथेरेपी व रेडिएशन थैरेपी तथा विभिन्न जटिल रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम यहाँ 24 घंटे तत्पर रहती है।
अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उच्च स्तरीय और कॉर्पोरेट स्तर की चिकित्सा तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद, यहाँ उपचार की दरें अत्यंत सस्ती और सुलभ रखी गई हैं। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। सेवा, समर्पण और सेवाभाव के जिन आदर्शों के साथ शीतला सहाय जी ने इस संस्थान का बीजारोपण किया था, आज यह अस्पताल उसी निष्ठा के साथ क्षेत्र की स्वास्थ्य रक्षा में एक मजबूत स्तंभ बनकर खड़ा है।
और सबसे अच्छी बात यह है कि यहां पर आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए इलाज पूरी तरह निशुल्क है जहां तक की दवाइयां भी अस्पताल की ओर से निशुल्क रखी गई है यहां का बिहेवियर एवं वातावरण मरीज को जल्दी सही करने के काम आता है।


