गोवर्धन में सुंदरकांड श्रीजी बाबा की हवेली मार्ग परिक्रमा के साथ हुआ आयोजन संपन्न
विश्वशांति हेतु लगाई गोवर्धन धाम में पैदल परिक्रमा
बड़े हनुमान मंदिर तुलसी आश्रम से हुआ प्रारंभ और श्री धाम गोवर्धन में विश्व शांति परिक्रमा के साथ हुआ समापन
![]() |
| श्रीजी बाबा की हवेली पर जानकी सैनिकों ने लगाया जयकारा |
![]() |
| सुंदरकांड पढ़ने जानकी सैनिक महिला एवं पुरुष |
संगठन द्वारा 12 वे स्थापना वर्ष के उपलक्ष में 12 दिवसीय आयोजन तय किया जिसके क्रम में सर्वप्रथम श्री राम जानकी तुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर पर महामंडलेश्वर श्री पुरुषोत्तम दास जी महाराज के मार्गदर्शन और सानिध्य में एक वृहद स्तरीय संत सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें सैकड़ो की संख्या में साधु संतों और महात्माओं ने पधार कर संगठन के कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और खूब आशीर्वाद भी दिया। तत्पश्चात संगठन के द्वारा रोजाना अनेकों धर्मार्थ प्रकल्प कार्य किए जाते रहे और अंत में विगत दिवस अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन का काफिला श्री धाम वृंदावन, गोवर्धन और मथुरा की ओर रवाना हुआ जहां पर इस्कॉन टेंपल में सुंदरकांड के साथ सुंदरकांड की श्रृंखला प्रारंभ हुई और इस श्रृंखला में लगातार सुंदरकांडों का आयोजन किया जाता रहा तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थान पर सुंदरकांड किए गए और अंत में विश्व शांति की कामना के साथ पैदल गोवर्धन जी की परिक्रमा की गई।
![]() |
| विश्व शांति हेतु गोवर्धन मार्ग पर परिक्रमा |
12 वर्ष पूरे होने पर जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत से बात हुई तो उन्होंने कहा कि आज संगठन जो भी और जैसा भी आगे बढ़ रहा है इसमें जानकी सेना के छोटे से छोटे जानकी सैनिक का भी में हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इतने कम समय में संगठन को वह ऊंचाइयां प्रदान की है जो एक तरह से नामुमकिन से दिखाई देती थीं,हमारे द्वारा जो भी विश्व कीर्तिमान रचे गए हैं उसमें भी मैं संगठन के एक-एक व्यक्ति ऊपर से लेकर नीचे तक सभी को बराबर की हिस्सेदारी के रूप में मानता हूं कि सभी ने अपनी सहभागिता पूरे मनोयोग के साथ निभाई और यही कारण रहा कि हम विश्व कीर्तिमान एक बार नहीं बल्कि तीन चार बार रच सके। आपको बता दें कि संगठन के द्वारा विगत 12 वर्षों से कई सेवा प्रकल्प कार्य किए जाते हैं जिसमें पर्यावरण संरक्षण,गरीब कन्या विवाह,गौ सेवा, रक्तदान सेवा जैसे अनेकों जन हितार्थ सेवा प्रकल्प किये जाते हैं।।


